नागपुर. सड़कों पर बढ़ती दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली मौतों को देखते हुए एडीजी (ट्रैफिक) ने एक सख्त फैसला लिया है। अब दोपहिया वाहनों के पीछे बैठने वालों को भी हेलमेट पहनना अनिवार्य होगा। इस संबंध में राज्य के सभी पुलिस आयुक्त और ग्रामीण क्षेत्रों के पुलिस अधीक्षकों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
हेलमेट बचा सकता है जान:
दुर्घटनाओं के आंकड़े बताते हैं कि करीब 80 प्रतिशत मामलों में हेलमेट न पहनने के कारण मौतें होती हैं। इनमें दोपहिया वाहन चालकों के साथ पीछे बैठने वाले यात्री भी शामिल हैं। हेलमेट पहनने से सिर की गंभीर चोटों को टाला जा सकता है। कोर्ट के दिशा-निर्देशों और सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
नियम उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई:
एडीजी ट्रैफिक के अनुसार, नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जल्द ही पुलिस आयुक्तों के साथ बैठक कर इस नियम को प्रभावी रूप से लागू करने की योजना बनाई जाएगी। इसके बाद अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए जाएंगे।
सुरक्षा पर विशेष जोर:
नए नियमों का उद्देश्य सड़क हादसों में जान-माल के नुकसान को कम करना है। हेलमेट पहनने की अनिवार्यता न केवल चालकों बल्कि पीछे बैठने वालों के लिए भी लागू की गई है, ताकि सभी की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
सार्वजनिक जागरूकता की जरूरत:
इस फैसले को लागू करने के लिए ट्रैफिक विभाग जल्द ही जागरूकता अभियान चलाएगा। आम जनता से अपील है कि वे इस नियम का पालन करें और अपनी तथा अपने प्रियजनों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।










