रामटेक. तहसील के बोरडा (सराखा) गांव की यशोदा गोमाजी नारनवरे की 1 सितंबर 2024 को उनके पति सचिन भरत घरत और अन्य तीन साथियों ने मिलकर बेरहमी से हत्या कर दी। घटना उस समय की है जब सचिन ने रात करीब 11:30 से 12:00 बजे के बीच फोन कर यशोदा को घर के बाहर बुलाया। हत्या के बाद शव को मध्यप्रदेश की नर्मदा नदी में फेंक दिया गया। इस मामले में सचिन का एक साथी मिलिट्री में कार्यरत है, जबकि पुलिस ने अन्य दो को हिरासत में लिया है। इस जघन्य घटना के बाद ग्रामीणों ने भाजपा नागपुर जिल्हा ग्रामीण के महामंत्री उदयसिंह उर्फ गज्जू यादव से कार्रवाई की मांग की। पीड़ित परिवार को पहले यह मामला मिसिंग प्रकरण का लगा, लेकिन मध्यप्रदेश में एक अज्ञात शव मिलने के बाद रामटेक पुलिस ने जांच शुरू की, जिसमें हत्या की पुष्टि हुई। पीड़ित परिवार की मदद के लिए गज्जू यादव ने पुलिस अधीक्षक हर्ष पोद्दार से इस प्रकरण की गंभीरता पर चर्चा की और कार्रवाई की मांग की। इस मामले में चंद्रभानजी धोटे, सागर नारनवरे, श्रीकांत धोटे, मनोज ढोंगे, निलेश नारनवरे, प्रवीण गजबे, आकाश लांजेवार, गजानन ढोरे, निकेश ठाकूर, अनिकेत राऊत, धीरज सोनवाने, धनपाल ढोंगे और शुभम सूर्यवंशी ने भी हस्तक्षेप कर न्याय की मांग की है। रामटेक पुलिस इस मामले में तेजी से जांच कर रही है ताकि यशोदा के हत्यारों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके।










