नागपुर. पं. श्यामसुंदर खर्डेनवीस ने शास्त्रीय संगीत को अपना जीवन समर्पित किया। उन्होंने शास्त्रीय संगीत की नई पीढ़ी को संस्कारित किया और अनेक उत्कृष्ट शिष्यों को तैयार किया। उनके इस योगदान के कारण उनका सम्मान संगीत क्षेत्र में एक समर्पित कलाकार के रूप में किया गया है, ऐसा विचार केंद्रीय मंत्री नितीन गडकरी ने आज (रविवार) यहां व्यक्त किया। पं. श्यामसुंदर खर्डेनवीस और उनकी पत्नी, लेखिका, गायिका और अभिनेत्री शोभना चिकेरूर-खर्डेनवीस, इस कला साधक दंपत्ति का सम्मान समारोह पर्सिस्टेंट सभागृह में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन पं. श्यामसुंदर खर्डेनवीस सम्मान समारोह समिति, उनके शिष्य परिवार और वसंतराव नाईक शासकीय कला और समाज विज्ञान संस्थान के संगीत विभाग द्वारा किया गया। कार्यक्रम में कवी कुलगुरू कालिदास संस्कृत विश्वविद्यालय के पूर्व कुलगुरु डॉ. पंकज चांदे, वनराई फाउंडेशन के trustee गिरीश गांधी और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे। नितीन गडकरी ने कहा, “विदर्भ में शास्त्रीय संगीत को खर्डेनवीस ने कई वर्षों तक अपनी सेवा दी। उन्होंने न केवल अच्छे शिष्य तैयार किए, बल्कि संगीत साधना के माध्यम से नागपुर और विदर्भ का नाम रोशन किया। यह सब कठिन परिश्रम और निरंतर अभ्यास के बिना संभव नहीं था। उन्होंने नई पीढ़ी के शास्त्रीय गायकों को संस्कारित किया और उन्हें प्रेरणा दी। उनका योगदान अतुलनीय है।” उन्होंने यह भी कहा कि नागपुर महाविद्यालय का एक समय में बहुत बड़ा सम्मान था और यहां से कई प्रतिभाशाली साहित्यकार, लेखक, संगीतकार और कवि निकलकर महाराष्ट्र के सांस्कृतिक क्षेत्र में अपना योगदान दे चुके हैं, जिसमें पं. खर्डेनवीस का नाम प्रमुख रूप से लिया जाता है।










