Desk news. नागपुर के शासकीय अभियांत्रिकी महाविद्यालय और भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के संयुक्त तत्वावधान में 23-24 जनवरी 2025 को “रिसर्च एंड इनोवेटिव पर्सपेक्टिव्स इन इंजीनियरिंग” (ICRIPE-2025) विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। इस सम्मेलन में भारत और अन्य देशों के 200 से अधिक शोधकर्ता और विशेषज्ञ भाग लेंगे। इस कार्यक्रम में विभिन्न इंजीनियरिंग शाखाओं से संबंधित कुल 170 शोध पत्रों को प्रस्तुत करने के लिए स्वीकार किया गया है। इनमें सिविल इंजीनियरिंग के 50, मैकेनिकल इंजीनियरिंग के 34, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के 28, कंप्यूटर साइंस के 37, और इलेक्ट्रॉनिक्स व टेलीकम्युनिकेशन के 21 शोध पत्र शामिल हैं। इनमें से 126 शोध पत्रों को सम्मेलन में प्रस्तुत किया जाएगा और 104 शोध पत्रों को ISTE, नई दिल्ली द्वारा इंडियन जर्नल ऑफ टेक्निकल एजुकेशन में प्रकाशित करने के लिए चुना गया है। इस सम्मेलन का उद्घाटन 23 जनवरी 2025 को इंडियन सोसाइटी फॉर टेक्निकल एजुकेशन (ISTE) नई दिल्ली के अध्यक्ष डॉ. प्रतापसिंह काकासाहेब देसाई द्वारा किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्य अभियंता, पीडब्ल्यूडी नागपुर श्री डी.एन. नंदनवार, हेडस्प्रिंग इंक, फुलरटन, यूएसए के डॉ. सुदर्शन कुरवाडकर, जापान के तकनीकी सलाहकार डॉ. यासुयुकी निशिदा और BIS नागपुर के संयुक्त निदेशक श्री संदेश गोकनवार उपस्थित रहेंगे। समापन समारोह 24 जनवरी को तकनीकी शिक्षा, नागपुर के सह-निदेशक डॉ. एम.बी. डायगव्हाणे और BIS के श्री संदेश गोकनवार की उपस्थिति में होगा। सम्मेलन में कैलिफोर्निया स्टेट यूनिवर्सिटी के डॉ. सुदर्शन कुरवाडकर, हेडस्प्रिंग इंक, जापान के तकनीकी सलाहकार डॉ. यासुयुकी निशिदा, CUNY CREST इंस्टीट्यूट, न्यूयॉर्क के डॉ. तारेंद्र लाखनकर और BIS नागपुर के वैज्ञानिक श्री संदेश गोकनवार प्रमुख भाषण देंगे। इस सम्मेलन को BIS, AICTE, ISTE सहित नागपुर की विभिन्न प्रमुख कंपनियों और संगठनों का सहयोग प्राप्त है। नोवासिस ग्रीन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड, मिनार हाइड्रोसिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड, स्पेक्ट्रम सर्विसेस, और ट्रायकनेक्ट इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड जैसे उद्योगों ने भी इस आयोजन को प्रायोजित किया है। सम्मेलन के तहत BIS और शासकीय अभियांत्रिकी महाविद्यालय के मानक क्लब के सहयोग से पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जा रहा है, जिसमें 50 से अधिक पोस्टर्स प्रदर्शित किए जाएंगे। सम्मेलन से जुड़ी जानकारी प्राचार्य डॉ. आर.पी. बोरकर, संयोजक डॉ. एस.एन. खंते, कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. एस.बी. इंगोले और अन्य सदस्यों ने साझा की। अंत में, प्राचार्य ने सभी प्रायोजकों और आयोजन में सहयोग करने वाले शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया।










