नागपुर. नागपुर महानगरपालिका (मनपा) ने गणेशोत्सव के नवें और दसवें दिन के मूर्ति विसर्जन के लिए पर्यावरण-संवेदनशील और सुरक्षित तरीके से तैयारी पूरी कर ली है। इस बार शहर के विभिन्न क्षेत्रों में 419 कृत्रिम विसर्जन टैंकों की व्यवस्था की गई है ताकि जलाशयों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और मूर्ति विसर्जन का कार्य सुचारू रूप से हो सके। मनपा आयुक्त डॉ. अभिजीत चौधरी और अतिरिक्त आयुक्त श्रीमती आंचल गोयल के नेतृत्व में घनकचरा प्रबंधन विभाग ने यह पूरी व्यवस्था की है। घनकचरा प्रबंधन विभाग के प्रमुख डॉ. गजेंद्र महल्ले ने बताया कि इस वर्ष नागरिकों ने बड़ी संख्या में मिट्टी की गणेश मूर्तियों की स्थापना की है, जो प्रशासन द्वारा पर्यावरण संरक्षण के लिए किए गए प्रयासों का परिणाम है। घरों और सार्वजनिक गणेश मंडलों के लिए विसर्जन स्थलों पर विशेष टैंकों की स्थापना की गई है। प्रमुख स्थलों में कच्छी वीसा ओसवाल भवन, गांधीसागर तालाब और सोनेगांव तालाब शामिल हैं, जबकि सार्वजनिक गणेश मंडलों के लिए कोराडी में विशेष विसर्जन टैंक बनाए गए हैं। मनपा का यह प्रयास नागरिकों को गणेश विसर्जन के लिए एक सुरक्षित और सुविधाजनक विकल्प प्रदान करता है, जिससे तालाबों और जलाशयों की रक्षा की जा सके।
अलग-अलग ज़ोन में टैंकों की विस्तृत व्यवस्था:- लक्ष्मीनगर ज़ोन में 39, धरमपेठ में 71, हनुमान नगर में 53, धंतोली में 28, नेहरू नगर में 47, गांधीबाग में 56, सतरंजीपुरा में 30, लकड़गंज में 38, आशी नगर में 18, मंगळवारी ज़ोन में 38, और कोराडी में 1 टैंक की व्यवस्था है। इसके अलावा, 331 सेट्रिंग, 31 रबरी, 32 गड्ढे और 22 चलते-फिरते टैंकों की भी व्यवस्था की गई है।










