नागपुर. देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ-साथ समाज को क्या योगदान दिया जा सकता है, इस पर जैन समाज हमेशा विचार करता है। सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने के साथ-साथ जैन समाज का देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में भी बड़ा योगदान है। जैन समाज भारत की आर्थिक विकास यात्रा का एक अहम हिस्सा है, ऐसा प्रतिपादन महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया। मुख्यमंत्री फडणवीस नागपुर में जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (जितो) की नई प्रबंधन समिति, महिला और युवा शाखा की स्थापना और शपथ ग्रहण समारोह में बोल रहे थे। यह कार्यक्रम सूर्या नगर स्थित नैवेद्यम इस्टोरिया में आयोजित किया गया। इस अवसर पर पूर्व सांसद अजय संचेती, जितो शिखर संगठन के अध्यक्ष विजय भंडारी, महासचिव ललित डांगी और अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि जितो संगठन न केवल अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रहा है, बल्कि समाज सेवा के कार्यों में भी सक्रिय है। जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने का कार्य जैन समाज के माध्यम से किया जा रहा है। भगवान महावीर ने सभी को समावेशी दृष्टिकोण अपनाने की शिक्षा दी है, और इस विचारधारा को आगे बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने कहा, “धन संपदा, रोजगार और अवसर पैदा करना सबसे बड़ी देशभक्ति है। आज भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है, और अगले तीन वर्षों में हम दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएंगे।” मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों को गरीबी से बाहर लाने के लिए उन्हें अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराना आवश्यक है। उन्होंने महिलाओं के योगदान की चर्चा करते हुए कहा कि विकसित देशों की प्रगति में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। भारत में भी महिलाओं को अवसर प्रदान कर उन्हें आर्थिक विकास की मुख्य धारा में शामिल करना आवश्यक है। उन्होंने विश्वास जताया कि 2047 तक भारत को एक विकसित अर्थव्यवस्था बनाने के लिए सरकार महिलाओं को अधिकतम अवसर प्रदान करने के लिए प्रयासरत रहेगी।










