दिल्ली. पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने फार्मा ड्रग्स तस्करों के एक इंटर स्टेट सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है. दिल्ली पुलिस ने इस कार्रवाई में कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है . वहीं दिल्ली पुलिस ने उनके कब्जे से कुल 2360 ट्रामाडोल युक्त कैप्सूल और डेढ़ सौ से ज्यादा कोडिंन आधारित सिरप की बोतले बरामद की है जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत एक लाख से ऊपर बताई जा रही है. दिल्ली पुलिस के मुताबिक यह ड्रग्स सिंडिकेट दिल्ली यूनिवर्सिटी के नॉर्थ केंपस के इलाकों में एक्टिव था ,और छात्रों और युवाओं को निशाना बनाकर ड्रग्स की आपूर्ति कर रहा था. दिल्ली पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर एक फूल प्रूफऑपरेशन चला कर इस गिरोह का खुलासा किया दिल्ली पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि मनीष नाम का आदमी ट्रामाडोल और कोडिंन सिरप की खेप पहुंचने वाला है. दिल्ली पुलिस को मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने यूनिवर्सिटी के आसपास जाल बिछाया और मनीष को दो प्लास्टिक की बोरियों के साथ पकड़ लिया. जांच में बोरियों से ट्रामाडोल कैप्सूल और कोडिंन सिरप बरामद हुई. मनीष के पास किसी प्रकार का कोई भी वैध दस्तावेज नहीं था. दिल्ली पुलिस की पूछताछ में मनीष ने बताया कि यह के उसे उसके मामा देवेंद्र ने दी थी. इसके बाद पुलिस ने देवेंद्र को भी गिरफ्तार किया. देवेंद्र से पूछताछ में यह भी सामने आया की यह ड्रग्स निखिल और जेपी नाम के व्यक्तियों से प्राप्त करता था. निखिल की गिरफ्तारी के बाद पता चला कि ट्रामाडोल की सप्लाई रवि मेडिकेयर के मलिक अंकित गुप्ता करता था. उसके गोदाम में 15 और कोडिंन सिरप की बोतले भी बरामद हुई जो बिना बिल के रखी गई थी. अंकित की निशान देही पर पुलिस ने मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव कपिल को भी गिरफ्तार किया जो उत्तम नगर निवासी राकेश से दवाई मंगवाता था . राकेश फिलहाल फरार है. पुलिस अब इस सिंडिकेट के इंटरनेशनल कनेक्शन की जांच में जुटी है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है.










