नागपुर. ज्येष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता, शैक्षणिक और सामाजिक क्षेत्र की संस्थाओं के समर्थक, विदर्भ क्रिकेट असोसिएशन और बिल्डर असोसिएशन ऑफ इंडिया के पूर्व अध्यक्ष तथा ‘तरुण भारत’ समाचार पत्र के संचालन करने वाली नरकेसरी प्रकाशन संस्था के पूर्व अध्यक्ष और मार्गदर्शक प्रभाकरराव उपाख्य भैयासाहेब मुंडले का मंगलवार रात दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वे 86 वर्ष के थे। उनके परिवार में बंधू विलास, पत्नी अनुराधा, पुत्र निखिल, पुत्रवधू मीन मुबलकल, अनुप्रिया गोखल और मंजिरी मनोहर नामक दो बेटियाँ, दामाद, पोता सलिल, पोती सानिका और बड़ा परिवार है। उनकी अंतिम यात्रा जाणून आज 31 जुलाई को शिवाजीनगर स्थित निवास से निकली. और दोपहर 12 बजे अंबाझरी घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया।
प्रभाकरराव मुंडले ने 50 वर्षों से अधिक समय तक निर्माण व्यवसायी के रूप में कार्य किया। केवल इस क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि शिक्षा और अन्य कई क्षेत्रों में उद्धिन उनका योगदान था। 1994 से 1995 के बीच बिल्डर असोसिएशन ऑफ बीट इंडिया के उपाध्यक्ष और 2000 से 2008 के बीच अध्यक्ष पद पर रहे। इसके अतिरिक्त, उन्होंने राज्य शाखा के अध्यक्ष पद का भी निर्वहन किया। वे कॉन्ट्रैक्टर असोसिएशन ऑफ विदर्भ के भी अध्यक्ष रहे। 1991 से 1997 के बीच वे विदर्भ क्रिकेट असोसिएशन के अध्यक्ष थे। 1992 से 1993 के दौरान वे क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के कोषाध्यक्ष और 1996 में वर्ल्ड कप क्रिकेट आयोजन समिति के सदस्य थे। शहर की तीन महाविद्यालयों और नौ स्कूलों का संचालन करने वाली धरमपेठ शिक्षण संस्था के वे 1985 से 2007 तक अध्यक्ष थे। 1989 से 2007 तक ब्लाइंड रिलीफ असोसिएशन के अध्यक्ष रहे। मुंडले एज्युकेशनल ट्रस्ट के भी वे अध्यक्ष थे। 2001 तक वे दीनदयाल रिसर्च इंस्टिट्यूट, दिल्ली के अध्यक्ष थे। 1999 से 2000 तक वे ‘तरुण भारत’ के संचालन करने वाली नरकेसरी प्रकाशन संस्था के अध्यक्ष और मार्गदर्शक रहे। वे विदर्भ इकॉनॉमिक डेवलपमेंट काउंसिल (वेद) के उपाध्यक्ष और अखिल भारतीय मराठी साहित्य महामंडल के ट्रस्टी और नागपुर विश्वविद्यालय के सीनेट सदस्य भी थे।
इंडियन कॉन्क्रिट असोसिएशन, अमेरिकन कॉन्क्रिट असोसिएशन, इंडियन वाटर रिसोर्स सोसाइटी और बिल्डर असोसिएशन ऑफ इंडिया के वे आजीवन सदस्य थे। भोसला मिलिट्री स्कूल, नाशिक के संरक्षक के रूप में भी उन्होंने कार्य किया। शैक्षणिक क्षेत्र में आर. एस. मुंडले कॉलेज ऑफ आर्ट्स, आर. एस. मुंडले अकादमी ऑफ कॉमर्स रिसर्च, मैनेजमेंट, एम. आर. मुंडले कॉलेज ऑफ आर्किटेक्चर, मुंडले पब्लिक स्कूल, सेंट्रल इंडिया स्कूल ऑफ फाइन आर्ट्स (CISFA), आर. एस. मुंडले इंग्लिश मीडियम स्कूल, मुंडले इंग्लिश मीडियम स्कूल, स्व. एम. आर. मुंडले प्राइमरी स्कूल और वडगांव स्थित साहस कैंप और पसायदान परिसर जैसी संस्थाओं की स्थापना में उनका महत्वपूर्ण योगदान था। उनकी दीर्घकालीन सेवाओं के लिए उन्हें नागभूषण और अन्य विभिन्न पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। विभिन्न संस्थाओं की जिम्मेदारियों के कारण उन्होंने अमेरिका, कनाडा, यूरोप, जापान, ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड, चीन आदि देशों की यात्रा की और 1996 में वर्ल्ड कप क्रिकेट के लिए पाकिस्तान का भी दौरा किया।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ‘X’ पर दी श्रद्धांजलि
नागपुर के सुप्रसिद्ध व्यवसायी और समाजसेवक प्रभाकरराव मुंडले के निधन का समाचार सुनकर अत्यंत दुख हुआ। उन्हें मेरी भावपूर्ण श्रद्धांजलि। प्रभाकरराव के साथ हमारे पारिवारिक संबंध कई दशकों से रहे हैं। नागपुर में संघ और विचार परिवार की अनेक संगठनों के साथ प्रभाकरराव ने काम किया है। कठिन समय में प्रभाकरराव हमेशा कार्यकर्ताओं के साथ खड़े रहते थे। नागपुर की अनेक संस्थाओं की उन्नति में प्रभाकरराव का बड़ा योगदान रहा है। एक उत्तम और अत्यंत संवेदनशील व्यक्तित्व के निधन से नागपुर के सामाजिक और व्यावसायिक क्षेत्र में बड़ी रिक्तता उत्पन्न हुई है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति दे और उनके परिवार को इस दुख से उबरने की शक्ति प्रदान करे। ॐ शांति।
डिप्टी CM दवेंद्र फडणवीस ने ‘X’ पर दी श्रद्धांजलि
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (रा. स्व. संघ) के वरिष्ठ स्वयंसेवक और वरिष्ठ उद्यमी, समाजसेवक प्रभाकरराव मुंडले के निधन से समाज में दानशीलता और संवेदनशीलता की मिसाल कायम करने वाली एक पितृतुल्य हस्ती को हमने खो दिया है।
प्रभाकरराव मुंडले के निधन की खबर सुनकर बेहद दुख हुआ। मेरा उनके साथ अत्यंत करीबी और पारिवारिक संबंध था। नागपुर के शिक्षा क्षेत्र में उनका योगदान अतुलनीय रहा है। नागपुर के अंध विद्यालय, बीआरए मुंडले, आरएस मुंडले जैसी कई संस्थाओं का सफलतापूर्वक संचालन उन्होंने किया। ‘तरुण भारत’ का संचालन करने वाली श्री नरकेसरी प्रकाशन संस्था और बिल्डर एसोसिएशन ऑफ इंडिया के भी वे अध्यक्ष थे। समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उन्होंने महत्वपूर्ण योगदान दिया।भैयासाहेब मुंडले एक अत्यंत मिलनसार व्यक्ति थे, जो छोटे से लेकर बड़े तक हर किसी का सम्मान करते थे। उनकी विनम्रता और सामाजिक सेवा को समर्पित जीवन के लिए उन्हें मेरी विनम्र श्रद्धांजलि। ॐ शांती 🙏











