नागपुर. आगामी गणेशोत्सव की शुरुआत 7 सितंबर से हो रही है। इस पर्व के दौरान पीओपी (प्लास्टर ऑफ पेरिस) से बनी मूर्तियों की स्थापना को रोकने के लिए मुंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। उच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए नागपुर महानगरपालिका और पुलिस प्रशासन की संयुक्त बैठक 29 अगस्त को आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता पुलिस आयुक्त डॉ. रविंद्रकुमार सिंघल ने की, जिसमें मनपा के अतिरिक्त आयुक्त आंचल गोयल और घनकचरा प्रबंधन विभाग के उप आयुक्त डॉ. गजेंद्र महल्ले भी उपस्थित थे। बैठक में निर्णय लिया गया कि सार्वजनिक गणेश मंडलों द्वारा स्थापित की जाने वाली गणेश मूर्तियाँ पूरी तरह से मिट्टी से बनी होनी चाहिए। इसके लिए गणेश मंडलों को 100 रुपये के स्टांप पेपर पर गारंटी पत्र देना अनिवार्य होगा।पुलिस आयुक्त ने सभी पुलिस अधिकारियों को उच्च न्यायालय के निर्देशों का सख्ती से पालन करने और पीओपी मूर्तियों के खिलाफ कार्रवाई में महानगरपालिका का पूर्ण सहयोग करने का निर्देश दिया। मनपा आयुक्त तथा प्रशासक डॉ. अभिजीत चौधरी ने भी प्रशासन को शहर में उच्च न्यायालय के निर्देशों का कठोरता से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। यदि गणेश मंडलों द्वारा गारंटी पत्र देने के बाद भी नियमों का उल्लंघन किया जाता है, तो उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जाएगी। नागपुर महानगरपालिका प्रशासन ने पीओपी मूर्तियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है, और शहर में पीओपी मूर्तियों के निर्माण, बिक्री, या भंडारण पर भी रोक लगा दी गई है। मुंबई उच्च न्यायालय ने सार्वजनिक गणेश मंडलों को पीओपी मूर्तियों की स्थापना पर प्रतिबंध लगाया है। इसके अनुसार, गणेश मंडलों को गारंटी देनी होगी कि वे केवल पर्यावरण-हितैषी (मिट्टी की) मूर्तियों की स्थापना करेंगे और किसी भी स्थिति में पीओपी मूर्तियों का उपयोग नहीं करेंगे। यदि किसी मंडल द्वारा पीओपी मूर्ति स्थापित की जाती है, तो उनकी अनुमति तुरंत रद्द कर दी जाएगी, उन्हें काली सूची में डाला जाएगा, और अगले वर्ष उन्हें अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही, मंडल के सभी पदाधिकारी और सदस्य आपराधिक कार्यवाही के लिए उत्तरदायी होंगे।
पीओपी को ना कहें, मिट्टी से बनी गणेश मूर्ति की स्थापना करें: मनपा आयुक्त
मनपा आयुक्त तथा प्रशासक डॉ. अभिजीत चौधरी ने कहा कि गणेशोत्सव एक आनंद और उत्साह का पर्व है। इस पर्व का उद्देश्य दूसरों के चेहरे पर खुशी लाना है। पीओपी पर्यावरण के लिए अत्यंत हानिकारक है, जिससे मानव सहित अन्य प्राकृतिक तत्वों को भी नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए, इस गणेशोत्सव को पर्यावरण के अनुकूल मनाने के लिए पहल करें। अपने घर या मंडल द्वारा स्थापित की जाने वाली गणेश मूर्ति को मिट्टी की ही खरीदें और सुनिश्चित करें कि सजावट में प्लास्टिक, थर्मोकोल और अन्य कृत्रिम सामग्रियों का उपयोग न करें।










