नागपुर. सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए नियमित रूप से विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाना चाहिए। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से कर्मचारियों में टीम भावना का विकास होता है। साथ ही, ये आयोजन प्रशासनिक कार्य के दौरान उत्पन्न तनाव को दूर कर कर्मचारियों को नई ऊर्जा से भर देते हैं, जिससे लोकसेवा का कार्य अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकता है। यह विचार आदिवासी विकास विभाग के अपर आयुक्त रविंद्र ठाकरे ने व्यक्त किए। लेखा एवं कोषागार संचालनालय तथा स्थानिक निधि लेखा परीक्षा कर्मचारी कल्याण समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय राज्य स्तरीय कला एवं क्रीड़ा स्पर्धा का समापन नागपुर स्थित विश्वेश्वरैया राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान के मैदान में हुआ। समापन समारोह में लेखा एवं कोषागार संचालक दीपाली देशपांडे, स्थानिक निधि लेखा परीक्षा मुंबई के संचालक निलेश राजुरकर, वनामती की संचालक सुवर्णा पांडे, संचालक माधव नागरगोजे, नागपुर लेखा व कोषागार विभाग की सहसंचालक ज्योति भोंडे, स्थानिक निधि लेखा परीक्षा नागपुर की सहसंचालक गौरी ठाकुर, समेत बड़ी संख्या में राज्यभर से अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। अपर आयुक्त ठाकरे ने कहा कि शरीर को स्वस्थ और निरोगी बनाए रखने के लिए खेलकूद अत्यंत आवश्यक हैं। प्रत्येक व्यक्ति को अपने शौक पूरे करने के लिए अलग-अलग माध्यमों का उपयोग करना चाहिए। खेल न केवल शरीर को बल्कि मन को भी स्वस्थ और ऊर्जावान बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसी तरह, सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं से प्रतिभागियों को अपनी कला प्रदर्शित करने का एक बड़ा मंच मिलता है। तीन दिन चली इस भव्य राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में अधिकारियों और कर्मचारियों ने पूरे जोश और उत्साह के साथ भाग लिया। समापन समारोह में सभी विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। इस आयोजन ने कर्मचारियों के बीच आपसी सहयोग, टीम भावना और सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देने का कार्य किया।











