चंद्रपुर. वर्ष 2027 तक कुष्ठ रोग के उन्मूलन के उद्देश्य से जिले में विभिन्न जनजागृति अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी के तहत आनंदवन, वरोरा में सहायक संचालक आरोग्य सेवा (कुष्ठ रोग), तालुका स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय वरोरा और महारोगी सेवा समिति संचालित आनंद निकेतन महाविद्यालय, आनंदवन के संयुक्त तत्वावधान में ‘रन फॉर लेप्रसी’ मैराथन का आयोजन किया गया। इस मैराथन में पुरुष और महिला दोनों श्रेणियों में दौड़ प्रतियोगिता हुई। इस अवसर पर डॉ. विकास आमटे, डॉ. पोळ, डॉ. मृणाल काले, तानाजी बायस्कर, शौकत अली, संवर्ग विकास अधिकारी गजानन मुंडकर, मुख्याधिकारी श्रीमती शेळकी, सहायक संचालक (कुष्ठ रोग) डॉ. संदीप गेडाम, क्षय रोग अधिकारी डॉ. ललित पटले, तालुका स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रतिक बोरकर, डॉ. कांचन टेमुर्डे, डॉ. पराग जीवतोडे सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। इस मैराथन में कुल 250 नागरिकों ने भाग लिया। पुरुष श्रेणी में प्रथम स्थान (₹4000) पंकज आत्राम ने प्राप्त किया, द्वितीय स्थान (₹2500) साईनाथ पुंगाटी को मिला, जबकि तृतीय स्थान (₹1500) सौरभ कन्नाके को प्राप्त हुआ। महिला श्रेणी में प्रथम पुरस्कार (₹4000) रुचिका नागरकर, द्वितीय पुरस्कार (₹2500) श्रद्धा थोरात और तृतीय पुरस्कार (₹1500) लक्ष्मी पुंगाटी को प्रदान किया गया। विजेताओं को सहायक संचालक (कुष्ठ रोग) कार्यालय की ओर से धनादेश प्रदान किए गए। महारोगी सेवा समिति, आनंदवन के सचिव डॉ. विकास आमटे ने इस अवसर पर कहा कि कुष्ठ रोग के प्रति समाज में फैले भ्रम और गलतफहमियों को दूर करना आवश्यक है। इस रोग को लेकर जागरूकता बढ़ाने और इसे समाप्त करने के लिए जनभागीदारी से आंदोलन खड़ा करने की जरूरत है। मैराथन की शुरुआत हरी झंडी दिखाकर की गई।
क्या है कुष्ठ रोग?
कुष्ठ रोग एक अत्यल्प संक्रामक बीमारी है, जो माइकोबैक्टीरियम लेप्री नामक जीवाणु से होती है। यह मुख्य रूप से त्वचा और तंत्रिकाओं को प्रभावित करता है। यदि समय पर इलाज न किया जाए तो यह स्थायी विकृति का कारण बन सकता है। कुष्ठ रोग आनुवंशिक नहीं होता, बल्कि यह संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या लंबे समय तक संपर्क में रहने से फैलता है। समय पर इलाज न लेने से तंत्रिकाएं प्रभावित हो सकती हैं, जिससे शारीरिक विकृति और अंगों की अक्षमता हो सकती है।
कुष्ठ रोग के लक्षण
त्वचा पर हल्के लाल चकत्ते या उभरे हुए दाग
त्वचा का तेलीय और चिकना हो जाना
कान की पालियों का मोटा होना
चेहरे, हाथों और पैरों पर सूजन या गांठें
कैसे रखें सावधानी?
अगर कोई लक्षण नजर आएं तो तुरंत अपने क्षेत्र के स्वास्थ्य कार्यकर्ता, नजदीकी सरकारी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं। सभी सरकारी, अर्ध-सरकारी अस्पतालों और नगर पालिका के स्वास्थ्य केंद्रों में कुष्ठ रोग का मुफ्त और प्रभावी इलाज उपलब्ध है। डॉक्टर की सलाह से 6 से 12 महीने तक नियमित दवा लेने से यह बीमारी पूरी तरह ठीक हो सकती है और संभावित विकृतियों से बचाव किया जा सकता है।










