नागपुर. गढ़चिरौली से लेकर पूरे विदर्भ क्षेत्र में औद्योगिक माहौल तेजी से विकसित हो रहा है और निवेश आकर्षित हो रहा है। इससे नए उद्योगों की स्थापना हो रही है और रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। पर्यटन, उद्योग और परिवहन सहित कई क्षेत्रों में विदर्भ आगे बढ़ रहा है। ‘एडवांटेज विदर्भ’ आयोजन आने वाले समय में विदर्भ के औद्योगिक विकास का केंद्र बनेगा, ऐसा विश्वास मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने व्यक्त किया। मुख्यमंत्री फडणवीस की पहल से उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में विदर्भ के विकास को गति मिली है, ऐसा मत केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने व्यक्त किया। राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित ‘एडवांटेज विदर्भ 2025 – सांसद औद्योगिक महोत्सव’ का उद्घाटन मुख्यमंत्री फडणवीस की उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, राज्य के राजस्व एवं पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, उद्योग मंत्री उदय सामंत, वस्त्रोद्योग मंत्री संजय सावकारे, श्रम मंत्री आकाश फुंडकर, उद्योग राज्यमंत्री इंद्रनील नाइक, वित्त राज्यमंत्री आशिष जयस्वाल, गृह राज्यमंत्री पंकज भोयर, सांसद श्यामकुमार बर्वे समेत कई गणमान्य उपस्थित थे। मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि पुणे महाराष्ट्र की औद्योगिक राजधानी के रूप में उभर रहा है, लेकिन अन्य क्षेत्रों में भी उद्योग तेजी से बढ़ रहे हैं। हाल ही में दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में महाराष्ट्र में 15.7 लाख करोड़ रुपये के निवेश के एमओयू साइन किए गए, जिसमें विदर्भ के लिए 5 लाख करोड़ रुपये के करार शामिल हैं। गढ़चिरौली में जेएसडब्ल्यू उद्योग समूह ने 3 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया है। नागपुर, वर्धा और चंद्रपुर में बैटरी निर्माण और सौर ऊर्जा जैसे बड़े प्रोजेक्ट स्थापित किए जाएंगे। इन सभी निवेशों के ज़रिए विदर्भ को औद्योगिक हब के रूप में विकसित किया जाएगा। गढ़चिरौली में हो रहे निवेश से यह जिला अपनी नक्सल प्रभावित पहचान से बाहर निकलकर एशिया के सबसे बड़े स्टील हब के रूप में उभरेगा। साथ ही, गढ़चिरौली में एक हवाई अड्डा भी बनाया जाएगा। अमरावती के टेक्सटाइल जोन में उद्योगों के लिए नई जमीन उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे वस्त्र उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि विदर्भ में कपास का उत्पादन बहुत अधिक होता है और इसका रक्षा क्षेत्र में उपयोग किया जाता है। इसे देखते हुए, इस क्षेत्र में कपड़ा उद्योग को और अधिक बढ़ावा दिया जाएगा। अमरावती में एशिया का सबसे बड़ा पायलट ट्रेनिंग सेंटर स्थापित किया जाएगा, जहां हर साल 25,000 पायलट प्रशिक्षित किए जाएंगे। वर्धा में एक ड्राय पोर्ट और इलेक्ट्रॉनिक बस हब विकसित किया जाएगा। चंद्रपुर में अगले चार वर्षों में कोल गैसीफिकेशन परियोजना शुरू होगी। महाराष्ट्र के नासिक से वाधवन बंदरगाह तक सीधा माल परिवहन शुरू करने की योजना भी बनाई जा रही है। विदर्भ से काकीनाडा तक कनेक्टिविटी के लिए आंध्र प्रदेश और तेलंगाना सरकारों के साथ समझौता किया गया है। नवी मुंबई एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय हब बनाने की योजना के साथ-साथ नागपुर हवाई अड्डे को भी एक महत्वपूर्ण हब के रूप में विकसित किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि महाराष्ट्र के कुल खनिज भंडार का 75% विदर्भ में है और राज्य के 80% वन क्षेत्र भी इसी क्षेत्र में आते हैं। यह विदर्भ के लिए एक बड़ी संपत्ति है और इसे देखते हुए यहां पर्यटन और उद्योग को बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री फडणवीस की पहल से यह प्रक्रिया और तेज़ हो गई है। गढ़चिरौली के विकास के लिए पिछले 20 वर्षों से प्रयास जारी हैं। अब वहां बड़े उद्योगों के माध्यम से निवेश आकर्षित किया जा रहा है, जिससे नक्सलवाद, गरीबी और बेरोजगारी को समाप्त करने में मदद मिलेगी। ‘एडवांटेज विदर्भ’ का आयोजन विदर्भ के हर जिले में उद्योगों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया जा रहा है और अगले चार वर्षों में इसे और गति दी जाएगी। उद्योग मंत्री उदय सामंत ने कहा कि दावोस में महाराष्ट्र के संतुलित औद्योगिक विकास के लिए कई समझौते किए गए हैं। राज्य सरकार उद्योगों के लिए अनुकूल सुविधाएं और माहौल बना रही है, जिससे बड़े पैमाने पर निवेश आ रहा है। जेएसडब्ल्यू उद्योग समूह के एमडी सज्जन जिंदल ने कहा कि गढ़चिरौली और विदर्भ में 3 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है, जिससे विदर्भ वैश्विक स्तर पर उभरकर सामने आएगा। एचसीएल कंपनी की प्रमुख रोषणी मल्होत्रा ने बताया कि 2018 से नागपुर के मिहान में एचसीएल संचालित हो रहा है और अब तक 5,500 युवाओं को रोजगार दिया गया है, जिसमें 40% महिलाएं शामिल हैं। लॉयड मेटल्स के एमडी बालकृष्णन प्रभाकरण ने घोषणा की कि गढ़चिरौली में अगले दो वर्षों में 10,000 रोजगार के अवसर सृजित किए जाएंगे। कार्यक्रम का संचालन एडवांटेज विदर्भ महोत्सव के संयोजक और एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट के अध्यक्ष आशिष काले ने किया। इस औद्योगिक प्रदर्शनी में 320 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें सार्वजनिक उपक्रम, इस्पात और खनन मंत्रालय, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, सेबी, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड, जीएसटी विभाग और डाक विभाग शामिल हैं। यह महोत्सव 9 फरवरी तक सुबह 10:30 बजे से रात 8:30 बजे तक सभी के लिए खुला रहेगा।
चलती ट्रेन में चढ़ती महिला का फिसला पैर, आरपीएफ कर्मचारी ने दौड़ कर बचाया; टली दुर्घटना
नागपुर: रेलवे सुरक्षा बल नागपुर पोस्ट द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन जीवन रक्षक” के अंतर्गत एक महिला यात्री की जान बचाने का साहसिक कार्य किया गया। यह घटना सोमवार शाम लगभग…










