Desk News. आज बाबा महाकाल की पावन नगरी उज्जैन में स्वच्छता के प्रति समर्पित एक महत्वपूर्ण समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु, राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल, और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भाग लिया। यह समारोह स्वच्छता मित्रों के सम्मान के लिए आयोजित किया गया, जो स्वच्छता अभियान में उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं।
समारोह की शुरुआत राष्ट्रपति जी द्वारा स्वच्छता मित्रों को स्मृति चिह्न प्रदान करने के साथ हुई, जो उनके समर्पण और प्रयासों का प्रतीक है। राष्ट्रपति जी ने कहा, “स्वच्छता केवल एक काम नहीं है, बल्कि यह हमारे समाज की मानसिकता का हिस्सा होना चाहिए। यह सेवा का एक महत्वपूर्ण पहलू है।” उनके शब्दों में स्वच्छता की आवश्यकता और महत्व को स्पष्ट रूप से व्यक्त किया गया। इसके अलावा, कार्यक्रम में ₹1,692 करोड़ की लागत से बनने वाली इंदौर-उज्जैन 6 लेन सड़क का भूमिपूजन भी किया गया। इस परियोजना का उद्देश्य मध्यप्रदेश के विकास को गति देना है, जिससे व्यापार और यातायात में सुधार होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, “यह सड़क हमारे प्रदेश के विकास का मार्ग प्रशस्त करेगी और इसके माध्यम से हम विकास की नई ऊँचाइयों तक पहुँचेंगे।” कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, मंत्री तुलसी सिलावट, मंत्री श्री राकेश सिंह, और राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी सहित अनेक जनप्रतिनिधियों और गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। सभी ने स्वच्छता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और इसे जन आंदोलन बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस समारोह ने स्वच्छता अभियान को एक नई दिशा देने का काम किया है। इसके माध्यम से न केवल स्वच्छता मित्रों को सम्मानित किया गया, बल्कि समाज में स्वच्छता के महत्व को भी उजागर किया गया। यह स्पष्ट है कि स्वच्छता की दिशा में उठाए गए कदम, हमारे समाज और प्रदेश के लिए एक उज्जवल भविष्य की दिशा में हैं।
अंत में, यह समारोह स्वच्छता के प्रति जन जागरूकता को बढ़ाने और उसे एक आंदोलन बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर था। स्वच्छता ही सेवा, स्वच्छता ही ध्येय का यह संदेश अब अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाना आवश्यक है, ताकि हम सभी मिलकर एक स्वच्छ और स्वस्थ समाज का निर्माण कर सकें।











