नागपुर. रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) नागपुर मंडल ने ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ के तहत ट्रेन और स्टेशन परिसर में मिले नाबालिग बच्चों को बचाकर उनके परिवारों से मिलाने का सराहनीय कार्य किया। 21 जनवरी 2025 को हुए इन प्रयासों ने बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आरपीएफ की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया। ट्रेन संख्या 11403 नागपुर-कोल्हापुर एक्सप्रेस में एक नाबालिग लड़के के अकेले यात्रा करने की सूचना टीटीई ने नागपुर आरपीएफ कंट्रोल को दी। वर्धा रेलवे स्टेशन पहुंचने पर आरपीएफ कर्मियों ने लड़के को संभाला। पूछताछ में पता चला कि वह अपने पिता से मिलने वर्धा आ गया था और उसने परिवार को इस बारे में नहीं बताया था। परामर्श के बाद उसके पिता से संपर्क किया गया, और चाइल्डलाइन वर्धा की सहायता से बच्चे को उसके परिवार से मिलाया गया। बल्हारशाह रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 के पास आरपीएफ कर्मियों ने दो नाबालिग लड़कों को घूमते हुए पाया। दोनों बच्चे उत्तर प्रदेश के कानपुर के रहने वाले थे और पारिवारिक समस्याओं के कारण घर से भागे थे। चाइल्डलाइन बल्हारशाह और स्थानीय पुलिस की मदद से उन्हें सुरक्षित किया गया। बाद में इन बच्चों को चाइल्डलाइन को सौंप दिया गया, जहां उनकी देखभाल सुनिश्चित की जाएगी। आरपीएफ नागपुर मंडल के इन प्रयासों ने न केवल बच्चों को संकट से बचाया बल्कि समाज में रेलवे सेवाओं के प्रति विश्वास को और मजबूत किया है। ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ जैसी पहलें यह साबित करती हैं कि रेलवे केवल यात्रा का साधन नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का एक महत्वपूर्ण स्तंभ भी है।
चलती ट्रेन में चढ़ती महिला का फिसला पैर, आरपीएफ कर्मचारी ने दौड़ कर बचाया; टली दुर्घटना
नागपुर: रेलवे सुरक्षा बल नागपुर पोस्ट द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन जीवन रक्षक” के अंतर्गत एक महिला यात्री की जान बचाने का साहसिक कार्य किया गया। यह घटना सोमवार शाम लगभग…










